रूको ना, अच्छा लगेगा बाबू


Antarvasna, kamukta आकांक्षा से मैं बहुत ज्यादा प्यार किया करता था लेकिन वह कभी भी मेरी बात को समझ ही नहीं पाई और आकांक्षा ने मुझसे अपना पूरा रिश्ता तोड़ लिया। हम दोनों ने अपने रिश्ते को खत्म कर लिया था लेकिन अभी भी आकांक्षा की यादें मेरे दिल में ताजा है मैं हमेशा से ही आकांक्षा की बहुत फिक्र करता था लेकिन आकांक्षा को कभी मेरा प्यार दिखाई नहीं दिया और वह मुझसे दूर चली गई। हम दोनों साथ में एक वर्ष रहे एक वर्ष हम लोगों ने साथ में बिताया जब आकांक्षा ने मुझसे डिवोर्स ले लिया तो उसके बाद वह अपने माता पिता के साथ रहने लगी। उसने मुझसे अपने सारे रिश्ते खत्म कर लिए उसके बावजूद भी मैंने आकांशा से कई बार संपर्क करने की कोशिश की लेकिन आकांक्षा अब मुझसे कोई भी संबंध नहीं रखना चाहती थी। एक दिन मुझे आकांक्षा की बहन मिली तो वह मुझे कहने लगी आकांशा दीदी ने अपने लिए कोई लड़का देख लिया है अब आप अपने दिल से दीदी का ख्याल निकाल दो।

मैं मन ही मन सोचने लगा कि आखिर मैंने ऐसी क्या गलती कर दी की आकांक्षा ने मुझे इतनी बड़ी सजा दी मेरी गलती सिर्फ इतनी थी कि मैं आकांशा को समय नहीं दे पा रहा था मुझे इस बात का एहसास था लेकिन यह सब मैं आकांक्षा के लिए ही तो कर रहा था। आकांक्षा के भी कुछ बड़े सपने थे और उन्हीं सपनों को पूरा करने के लिए उसने मुझसे अलग होने का फैसला कर लिया अब वह मुझसे अलग हो चुकी थी और हम दोनों के बीच कोई भी संबंध नहीं थे। काफी समय बाद मैं आकांक्षा से मिला मैंने कभी भी आकांक्षा के बारे में कुछ गलत नहीं सोचा था लेकिन स्थिति ही कुछ ऐसी बन गई की आकांक्षा को मेरा साथ छोड़ना पड़ा और मैं अकेला हो चुका था। इसी बीच मेरे साथ ना जाने क्या-क्या दुर्घटना घटित हुई मेरे  पिताजी का देहांत हो गया और जब उनका देहांत हुआ तो मैं पूरी तरीके से टूट चुका था लेकिन मुझे काम तो करना ही था क्योंकि मेरे ऊपर ही घर की सारी जिम्मेदारी थी। मैं अपने काम पर तो लगा हुआ था परंतु मैं यह बात नहीं समझ पा रहा था कि मुझे क्या करना चाहिए जिससे कि मैं अपने अंदर के दुखों को दूर कर सकूं।

मैं अंदर ही अंदर से बहुत ज्यादा परेशान था लेकिन मैं किसी को भी यह बात नहीं बता पा रहा था। एक दिन हमारे पड़ोस में रहने वाले सागर ने मुझे कहा कि निखिल तुम कुछ ज्यादा ही परेशान नजर आते हो अभी कौन सा तुम्हारी इतनी उम्र हो गई है। मैंने सागर को कहा देखो दोस्त तुम्हें तो मालूम है ना कि आकांक्षा ने मेरा साथ छोड़ दिया है और जब से वह मुझे छोड़कर गई है तब से मैं अकेला हो चुका हूं और ऊपर से पिताजी की मृत्यु भी हो गई मेरे ऊपर तो जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो लेकिन मैं क्या करूं तुम ही बताओ। सागर मुझे कहने लगा तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो सब कुछ ठीक हो जाएगा यदि तुम ऐसे ही सोचते रहोगे तो तुम्हें और भी ज्यादा दुख होगा और तुम इन समस्याओं से बाहर भी नहीं निकल पाओगे। मुझे लगा कि सागर बिल्कुल ठीक कह रहा है और मुझे सागर से बात कर के अच्छा लग रहा था मुझे ऐसा लगा जैसे कि सागर भी मुझे समझ सकता है। जब भी मुझे कोई ऐसी परेशानी होती तो मैं सागर से बात किया करता सागर को मैं काफी वर्षो से जानता हूं। एक दिन मेरी सारी परेशानी का हल मुझे मिल गया जब मेरी मुलाकात मीनल से हुई, मीनल से मेरी पहली मुलाकात थी मीनल से मुझे सागर ने मिलवाया था और वह सागर की बहुत अच्छी दोस्त थी। मुझे मीनल के रूप में एक अच्छी दोस्त मिल चुकी थी और हम दोनों ही अब एक दूसरे के साथ अच्छे से बात किया करते और एक दूसरे के साथ हम लोग समय बिताया करते हैं। हम दोनों को एक दूसरे के साथ समय बिताना बड़ा अच्छा लगता है और मैं मीनल के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताने लगा था। सागर को भी यह बात पता चल चुकी थी तो सागर ने मुझसे कहा की तुम मीनल को क्यों अपने दिल की बात नहीं बता देते। मैंने सागर से कहा हां तुम कह तो ठीक रहे हो लेकिन मुझे इस बात की चिंता है कि कहीं मीनल को मेरे पुराने रिश्ते के बारे में पता चला तो कहीं वह मना ना कर दे। सागर कहने लगा नहीं ऐसा कुछ भी नहीं होगा तुम्हें मीनल को बता देना चाहिए यदि तुम मीनल को बताओगे तो उसका भरोसा तुम पर और भी ज्यादा बढ़ेगा तुम्हे उससे आकांक्षा के बारे में बात करनी चाहिए।

मैंने भी सोचा सागर बिल्कुल ठीक कह रहा है आखिरकार झूठ की बुनियाद पर कितने दिन तक बात टिक पाती। मैंने मीनल से आकांक्षा के बारे में बात करने का फैसला कर लिया था जब हम दोनों मिले तो मैंने मीनल से कहा मीनल मुझे तुम्हें कुछ बताना है। मीनल कहने लगी हां बताओ ना तो मैंने मीनल को अपने और आकांक्षा के रिश्ते के बारे में बताया मिनल कहने लगी तुमने मुझे यह सब पहले क्यों नहीं बताया। मैंने मीनल से कहा शायद मैं डर रहा था लेकिन मीनल ने हम दोनों के रिश्ते को अपना लिया था और हम दोनों अब एक हो चुके थे मैं अपनी पुरानी जिंदगी को धीरे धीरे भुलाने लगा था और मीनल भी मेरा साथ देने लगी थी। उसी दौरान मीनल की जॉब बेंगलुरु में लग गई जब मीनल की जॉब बेंगलुरु में लगी तो वह जॉब करने के लिए बेंगलुरु चली गई। मीनल अब बेंगलुरु जा चुकी थी और हम दोनों की फोन पर ही बात होती थी मैं चाहता था कि मैं भी बेंगलुरू चले जाऊं और अपनी बूढ़ी मां को भी अपने साथ बेंगलुरु ही लेकर चला जाऊं। मैं मीनल से जुदाई बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था हम दोनों फोन पर घंटों बात किया करते लेकिन तब भी दूरियां कम कहां हो पाती आखिरकार मैंने भी बेंगलुरु की कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए ट्राई किया और वहां पर मेरा सिलेक्शन भी हो गया।

मैंने मीनल को कुछ भी नहीं बताया था मैं चाहता था कि मैं मीनल को सरप्राइज़ दूँ और मेरी जब उससे मुलाकात हुई तो वह चौक गई उसने मुझे बेंगलुरु में देखा तो वह कहने लगी तुम यहां बेंगलुरु में क्या कर रहे हो। मैंने मीनल से कहा बस अब यह समझो कि मैं भी यहीं आ गया हूं। मीनल खुश हो गई और कहने लगी चलो तुमने यह हो तो बहुत अच्छा फैसला किया मैंने मीनल को पूरी बात बताई और उसे कहा कि मैं भी अब बेंगलुरु में ही जॉब करने लगा हूं। मीनल कहने लगी इससे ज्यादा खुशी की बात मेरे लिए कुछ हो ही नहीं सकती मीनल ने मुझे पूरी तरीके से स्वीकार कर लिया था और हम दोनों ही एक दूसरे को बड़े अच्छे से समझते थे। यह सब सागर की वजह से ही संभव हो पाया था यदि सागर से मैं नहीं मिल पाता तो मैं और मीनल कभी मिल ही नहीं पाते। हम दोनों अब एक हो चुके थे और मैंने मीनल को जब अपनी मां से मिलाया तो वह भी मीनल से मिलकर बहुत खुश हुई।  मीनल को उन्होंने अपनी बहू के रूप में स्वीकार कर लिया था और मीनल भी बड़ी खुश थी उसकी खुशी का कारण सिर्फ और सिर्फ मै था। हम दोनों एक दूसरे को समय देते और मुझे भी बहुत अच्छा लगता क्योंकि मैं मीनल के साथ अच्छा समय बिता पा रहा था मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं बेंगलुरु नौकरी करने के लिए आ जाऊंगा और हम दोनों अपने ऑफिस के बाद हमेशा मिला करते थे। मीनल मुझसे मिलने के लिए घर पर अक्सर आया करती थी और मुझे इस बात से कोई आपत्ति नहीं थी। मीनल और मेरे बीच में प्यार  बहुत ज्यादा था हम दोनों ही एक दूसरे को बहुत चाहते थे तभी एक दिन जब मीनल मुझसे बैठ कर बात कर रही थी तो उस दिन ना जाने मुझे मीनल को देखकर ऐसा क्या हुआ कि हम दोनों एक दूसरे की बाहों में थे मैंने मीनल के होठों को चूमना शुरू किया तो उसकी उत्तेजित जागने लगी।

मुझे अच्छा लगने लगा हम दोनों एक दूसरे की गर्मी को महसूस करने लगे मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था मैं मीनल के होंठो को महसूस कर रहा था। मीनल मेरी गर्मी को भी महसूस करने लगी उसके स्तनों को दबाने में मुझे बड़ा अच्छा लगता मैने उसके स्तनों से खून निकाल दिया था। वह मुझे कहने लगी तुम यह क्या कर रहे हो मैंने उसे कहा कुछ भी तो नहीं लेकिन जैसे ही मैंने मीनल की योनि पर अपनी उंगली को लगाया तो वह मचलने लगी और मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है। उसकी योनि से पानी बाहर निकल रहा था और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था मैंने भी मीनल की चूत को अपनी उंगली से को बहुत देर तक सहलाया। जैसे ही मैंने अपने लंड को मीनल की योनि के अंदर डाला तो वह चिल्ला ऊठी और उसके मुंह से चीख निकली और उसी के साथ वह मुझे कहने लगी मुझे दर्द हो रहा है। मैंने उसे कहा कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा उसकी योनि से खून निकलने लगा था और उसकी योनि से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था लेकिन मुझको तो उसे धक्के देने में भी मजा आता। मैं

उसे लगातार तेजी से धक्के मार रहा था मेरे अंदर का जोश और भी ज्यादा बढ़ने लगा था और मीनल भी मुझे कहने लगी मुझे वाकई में मजा आ रहा है। मैंने मीनल से कहा देखो मीनल अपने पैर चौडे कर लो तुम्हारी चूत मे भी मजा आने लगेगा। मीनल ने अपने पैरों को चौड़ा करते हुए मुझे कहने लगे तुम मुझे और तेजी से धक्के मारो। मैंने उसे ओर से भी ज्यादा तेजी से धक्के देने शुरू कर दिए। मैं उसे तेज धक्के मार रहा था वह भी उत्तेजित होकर अपने मुंह से मादक आवाज लेने लगी उसकी सिसकियो से मैं और भी ज्यादा उत्तेजित हो जाती और मुझे बड़ा मजा आता। मैंने काफी देर तक मीनल की योनि के पूरे मजे लिया जैसे ही मीनल की योनि से पानी ज्यादा मात्रा में बाहर निकलने लगा तो मैं समझ गया कि वह झड़ चुकी है मैंने भी मीनल की योनि में अपने वीर्य को गिरा दिया उसकी चूत के अंदर मेरा वीर्य जा चुका था वह मेरी हो चुकी थी। हम दोनों जल्दी शादी करने वाले थे और यह बात मैंने अपनी मां को बता दी थी मेरी मां को भी कोई आपत्ति नहीं थी। मीनल का मुझसे मिलना होता था हम दोनों के बीच सेक्स संबंध बन ही जाते थे।


error:

Online porn video at mobile phone


indian bur chudaichudai story punjabidesi chudai story in hindijungli sexdesi secchodai ki khani combahan ki chudai story hindinew hot chudai ki kahanimaa beta ki chudai in hindisamuhik chudai storybhabhi devar chudai kahanibadi didi ki chudai kahanihindi pirnantarvasana hindi storirekha hindi sexchudai photo with kahaniindiansexstorysexy boor dikhaobhai ki beti ki chudaividhwa bhabhi ki gand mariteacher ki chudaiofficer ki chudaidesi behanhindi sex full sexhindu lund se chudaisale ki gand marichudai ki kahani freebhai bahan chudai hindi kahanipagal ko chodagandu ki gand marireal lesbian sexchudai hindi sex storychoot ki chudai hindi storysey storysexi chouthindi desi chudai storydhongi baba pornbhai bahan ki chudai storybadi chachi ko chodaantarvasna storymaa pua sex storyhindi sexy story comaunty ka sexhindi hot adult storysex story hindi with photobeti chodafuck of hindihindi sexy imagesauteli maa ki chudaichudai ki latest kahaniyanchut me mota landchut ka danachut ki land se chudaischool me sexmo ki chudaibhabhi ko chodne ke tarikedevar ne bhabhi kosaxy chut storyhot aunty story hindichodne wali kahanisex bhabi indiansexy bhabhi ki sexy chuthindisexstoreyhindi sexye kahanisasur ne bahu ko choda hindi kahanibhabhi story pdfmaa bete ki hindi chudaikutte ka lundteacher se chudai ki kahanisuhagrat bhabhi