पड़ोस के व्यक्ति का दुख


antarvasna, desi sex stories

मेरा नाम सुरभि है मैं जयपुर में रहती हूं, मेरी उम्र 32 वर्ष है। मेरी शादी को 4 वर्ष हो चुके हैं, मेरे पति विदेश में रहते हैं और वह बहुत कम ही घर आते हैं, मैं उनसे जब भी फोन पर बात करती हूं तो वह मुझे हमेशा कहते हैं कि मैं कुछ समय बाद घर आ जाऊंगा लेकिन उन्हें काफी समय हो चुका है जब से वह घर नहीं आए हैं। मैं कई दिनों से फोन पर बात कर रही थी और मैंने फोन पर बात करते हुए उन्हें कहा कि मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर जाना चाहती हूं, वह मुझे कहने लगे ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए अपने घर हो आओ, मुझे कोई भी आपत्ति नहीं है। मैंने अपने सास-ससुर से पूछ लिया, जब मैंने उनसे पूछा तो वह कहने लगे ठीक है तुम कुछ दिनों के लिए अपने घर हो आओ। मैं अब वहां से अपने मायके चली आई, मेरा माइका  अजमेर के पास है। मैं जब अपने घर आई तो मेरे पिताजी कहने लगे तुम बहुत ही सही समय पर घर आई हो क्योंकि कुछ दिनों बाद तुम्हारे भैया और भाभी जी घर पर आने वाले हैं, मैंने उन्हें कहा कि क्या भैया भाभी भी काफी समय से घर पर नहीं आए हैं, वह कहने लगे हां वह लोग भी काफी समय से घर पर नहीं आए हैं, तुमने बहुत अच्छा किया कि तुम इस वक्त घर पर आ गई।

मैं अपनी मम्मी से मिलकर बहुत खुश थी। कुछ दिनों बाद मेरे भैया भाभी आए तो मैंने उन्हें कहा कि आप लोग तो मुझे काफी समय से मिले भी नहीं है, उन्होंने मेरे पति के बारे में पूछा तो मैंने उन्हें कहा कि वह तो काफी समय से घर भी नहीं आए हैं और मैं उन्हें बहुत मिस करती हूं। मेरी भाभी और मेरी जब बात हो रही थी तो मेरी भाभी मुझसे पूछने लगी तुम्हें तुम्हारे पति की याद नहीं आती, मैंने उन्हें कहा कि मुझे तो उनकी बहुत याद आती है परंतु वह घर ही नहीं आते। मैं अपने भैया और भाभी से मिलकर बहुत खुश थी, उनका एक छोटा लड़का भी है उसकी उम्र 5 वर्ष है। मुझे उसके साथ खेलना बहुत अच्छा लगता है वह बहुत ही प्यारा है और बहुत शरारत भी करता है। एक दिन मैं उसे लेकर बाहर टहल रही थी तभी आगे से एक लड़का बड़ी तेज स्पीड में बाइक से आ रहा था, मुझे वह आता हुआ नहीं दिखाई दिया, जब उसकी टक्कर मुझसे हुई तो मैं आगे जाकर गिर गई और मैं बेहोश हो गई थी।

जब मेरे भैया और मेरे पापा मुझे अस्पताल ले गए तो उसके बाद मुझे होश आया, मैं जब उठी तो मैंने अपने भैया से कहा कि क्या गोलू ठीक है, गोलू मेरे भैया के लड़के का नाम है। वह कहने लगे गोलू तो ठीक है लेकिन तुम्हें बहुत ज्यादा चोट आ गई थी,   मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं। भैया पूछने लगे कि तुमने उस लड़के को देखा नहीं जिसने तुम्हें टक्कर मारी, मैंने उन्हें कहा मुझे कुछ भी पता नहीं चला वह बड़ी तेज स्पीड में आ रहा था और मैं उससे टकरा गई, उसके बाद वह वहां से भाग गया। मेरे भैया और मेरे पापा बहुत ज्यादा परेशान हो गए थे, मैंने उन्हें कहा आप चिंता मत कीजिए। कुछ देर में डॉक्टर भी आ गए और डॉक्टरों ने मुझे वहां से डिस्चार्ज कर दिया, मैं जब घर पर आई तो कुछ दिनों तक मैं घर पर ही आराम कर रही थी, मैंने अपने पापा से कहा कि यह बात आप मेरे ससुराल वालों को पता मत चलने देना, नहीं तो मेरे पति बहुत चिंतित हो जाएंगे। वह कहने लगे तुम चिंता मत करो हम लोग किसी को भी नहीं बताएंगे। मैं जब घर में लेटी हुई थी तो एक दिन सामने के घर से बहुत तेज आवाज आ रही थी, मैं काफी देर से सुन रही थी, जब मेरी मम्मी रूम में आई तो मैंने उनसे पूछा कि वह कौन लोग हैं जो इतना तेज शोर रहे है, मेरी मम्मी कहने लगी यह पड़ोस में ही रहते हैं  यह लोग बहुत ज्यादा शोर शराबा करते हैं, इन दोनों पति-पत्नी के आपस में बिल्कुल भी नहीं बनती। मैंने उन्हें कहा क्यों इन दोनों की आपस में क्यों नहीं बनती, वह कहने लगी कि ना जाने इन दोनों को आपस में किस बात की दिक्कत है हमेशा ही यह लोग झगड़ा करते रहते हैं, काफी दिनों से इन लोगों का झगड़ा नहीं हुआ था लेकिन आज फिर से इन लोगों के बीच में झगड़ा शुरू हो गया। मुझे भी बहुत ज्यादा गुस्सा आ रहा था और मैंने अपनी मम्मी से कहा कि क्या यह लोग इसी प्रकार से चिल्लाते हैं, मेरी मम्मी कहने लगी हां यह लोग इसी प्रकार से चिल्लाते हैं और हमेशा ही यह इसी प्रकार की बातें करते हैं। मैंने उन्हें कहा क्या कोई मोहल्ले में इन्हें बोलता नहीं है, वह कहने लगे कि ऐसे में कौन बीच में जाता है यह इनके आपस का मामला है, सब लोग तो बचने की कोशिश करते हैं।

यह कहते हुए मेरी मम्मी भी रूम से चली गई, मैं रूम में ही बैठी हुई थी और मैंने भी टीवी ऑन कर ली। मुझे भी लगा कि अब कोई फायदा नहीं है इसलिए मैं टीवी देखने लगी और टीवी देखते हुए मुझे नींद आ गई। अगले दिन जब मैं उठी तो मैंने बाहर एक व्यक्ति को जाते हुए देखा, मैंने अपनी मम्मी से पूछा कि क्या यह वही है तो मेरी मम्मी कहने लगी हां यह वही हैं। मैं थोड़ा ठीक हो चुकी थी इसलिए मैं उनके पीछे गई और मैंने उनसे बात की तो वह कहने लगे कि हां हम दोनों पति पत्नी के बीच में बहुत झगड़ा रहता है। मैंने उन्हें कहा कि यहां पर और लोग भी रहते हैं उन्हें भी आपकके झगडो से डिस्टर्ब होता है। जब उन्होंने मुझे पूरी बात बताई तो मैं सुनकर बड़ी दंग रह गई उन्होंने मुझे कहा मेरी पत्नी एक कॉल गर्ल है और वह हर जगह अपना मुंह मारती फिरती है इसलिए मैं अब उससे बिल्कुल भी प्रेम नहीं करता। मुझे उन पर तरस आ रहा था वह उस दिन वह मुझे अपने घर ले गए उन्होंने मुझे अपनी पत्नी की तस्वीर दिखाई। मैं उनके बगल में ही बैठी हुई थी जब उनका हाथ मेरे स्तनों पर लगा तो मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी मैं भी आज अपनी इच्छा पूरी कर लू। हम दोनों की सेक्स को लेकर बातें हुई हम दोनों एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए राजी हो गए।

जब उन्होंने मेरे सारे कपड़े उतारे तो मैं बहुत ज्यादा उत्तेजित हो गई थी मै सोचने लगी आज तो मैं अच्छे से संभोग करती रहूंगी, जैसे ही मैंने उनके लंड को अपने मुंह में लिया तो वह बहुत खुश हो गए और बड़े अच्छे से मैं उनके लंड को सकिंग कर रही थी, मैंने काफी देर तक उनके लंड को सकिंग किया जब उनका पानी बाहर की तरफ निकलने लगा तो मैं अपने आप को नहीं रोक पाई। मैंने अपने दोनों पैर चौडे कर लिए, उन्होंने काफी देर तक मेरे स्तनों का रसपान किया और मेरे स्तनों पर उन्होंने अपने दांतों के निशान भी मार दिए, जब मेरे स्तनों से खून आ गया तो उन्होंने मेरी योनि का भी बहुत अच्छे से रसपान किया। वह काफी समय तक मेरी योनि को चाटते रहे, जब उन्होंने अपने मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर डाला मुझे ऐसा लगा जैसे ना जाने कितने दिनों बाद मेरी इच्छा पूरी हो रही हो। उनका लंड मेरी योनि की पूरी गहराई में उतर चुका था, मैंने उन्हें कहा कि आप ऐसे ही मुझे धक्के देते रहिए उन्होंने मुझे बड़ी तेज गति से झटके दिए। वहां इतनी तेजी से मुझे चोद रहे थे उनका लंड मेरी योनि के अंदर तक जाता। मुझे ऐसा प्रतीत हो रहा था उनका लंड कही मेरी योनि को फाडते हुए मेरे पेट के अंदर ना चला जाए, काफी देर उन्होंने ऐसे ही मेरे साथ संभोग किया। मैं उनके ऊपर से लेट गई तो उन्होंने मेरी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया, मुझे बड़ा मजा आता। मैं भी अपनी चूतडो को उनसे मिलाने लगी और बड़ी तेजी से मैं भी अपनी चूतडो को हिला रही थी लेकिन जब मेरी चूतडे उनके लंड पर लगती तो वह भी ज्यादा समय तक मेरी गर्मी को नहीं झेल पाए। मैं भी झड़ने वाली थी इसलिए मैंने भी अपनी योनि को टाइट कर लिया और वह मुझे बड़ी तेजी से झटके मार रहे थे, जब उनका वीर्य गिरने वाला था तो मैंने उन्हें कहा आप मेरे मुंह के अंदर अपने वीर्य को डाल दीजिए। उन्होंने जैसे ही अपने वीर्य को मेरे मुंह में डाला तो मैंने उनके वीर्य को एक ही झटके में निगल लिया। उस दिन मेरी इच्छा पूरी हुई मैं जितने दिन अपने मायके में रही तो उनके साथ मैने सेक्स का आनंद लिया। हम दोनों ने एक दूसरे को बहुत सुख दिया।


error:

Online porn video at mobile phone


www sex com hindeshuddh desi chudaichudai ka majahindi sex download comwww.antarvasana.comshop wali bhabhi ko chodahindi sexi hdgandhi chudaijharkhand ki chudaimasti kahaniindian night pornbhai ne bhain ko chodachut ki chatibahan ki chodai ki kahaniHindi sex story bhai bahan galati se rape story.combara saal ki ladki ki chudaikuwari ladki ki chootdost kiबाबि काकि भाभि दादि बुरchudakad bhabhibhabhi ki chudai kahanibahan ko chodne ki kahanichudai kaise kare hindisister ki chut imagepata nahisex story in hindi bhabhidesi cartoon sexdevar aur bhabhi sexsxy storyrandi aunty ki chudaikuwari ladki ka sexbhojpuri me chudai kahaniindian gay sex storieschoot may landmaa ko holi pe chodastory chudai hindihot xexybhai bahan hindi kahanibhabhi ki chudai downloadचुत चुदाई कहानीया सेकसीsote hue gand marichudai land semmamy ki chut bhoot ka land sex stroyantravasana hindi sexy storiesdesimurga storiesmami ki sexy kahanichut ki kahani hindi meinchudai love storyreal sexy story in hindimoti gaand ki chudaixxx hindi porn storychudai sexy storygandi kahani risto me mama banji barsat me chudaihindi sex bookchudai newsasur bahu chudai kahaniuski gaandchudai kahani hindi maimoti bhabhi ki chutchachi ko pregnant kiyachudai ki photo aur kahaniantarvasna free hindi sex storiesnayi bhabhi ki chudaimaa ko car me chodahot sexy kahanimaa ki boor chudaiछोटे मोटे लैंड से चुदाई की कहानियां सर्चbahan ki chudai storyWww.desi.porn.storey.free.hindi.randi.parivar.combhabhi aur devar sexjabardasti chod diyaghamasan chudaidesee chudaisister ki chudai hindi storysexy story hantarvasna didi ko chodachoti ko choda