घरवालों की पसंद की लड़की


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मेरा नाम आकाश है मैं बेंगलुरु की एक आईटी कंपनी में काम करता हूं, मेरी उम्र 32 वर्ष हो चुकी है और कुछ समय पहले ही मुझे मेरे माता पिता ने मुझे अर्चना से मिलवाया। वह लोग अर्चना को पहले से ही जानते थे, मैं भी उससे मिलकर खुश था। मैं अर्चना से शादी के सपने देखने लगा था क्योंकि वह दिखने में तो बहुत सुंदर है। जिस प्रकार से वह सोचती थी, उसके बात करने का अंदाज मुझे बहुत अच्छा लगता लेकिन मेरी अर्चना से ज्यादा बात नहीं हो पाती थी क्योंकि मैं भी अपने काम में व्यस्त रहता था और अर्चना भी कंपनी में जॉब करती इसीलिए हम दोनों कभी कबार ही मिल पाते। मुझे यह बात तो अच्छे से पता थी कि मेरे परिवार वाले मेरी शादी अर्चना के साथ ही करवाना चाहते हैं, मुझे अर्चना से कोई भी दिक्कत नहीं थी लेकिन मैं उसे अच्छे से समझ नहीं पा रहा था क्योंकि हम दोनों एक दूसरे के साथ ज्यादा वक्त नहीं बिता पाए थे।

एक दिन मैंने अर्चना से कहा कि यदि तुम्हारे पास वक्त हो तो हम लोग कहीं बाहर चलते हैं ताकि हम दोनों एक दूसरे के साथ समय बिता पाए, अर्चना ने मुझे कहा कि ठीक है कुछ दिनों बाद मैं ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी लेने वाली हूं, उस दौरान हम दोनों मुलाकात कर सकते हैं। मैंने अर्चना से कहा ठीक है जब तुम छुट्टी लेने वाली हो तो मुझे कुछ दिन पहले बता देना ताकि मैं भी अपने हिसाब से टाइम मैनेज कर पाऊं। अर्चना ने कहा ठीक है मुझे भी कोई आपत्ति नहीं है तुम यदि मुझसे मिलना चाहते हो तो मुझे तुमसे मिलने में कोई भी परेशानी नहीं है। मैं अर्चना से फोन पर ज्यादा बात नहीं करता था क्योंकि मेरी फोन पर बात करने की आदत नहीं है, मैं अपना फोन कम ही इस्तेमाल करता हूं। जब अर्चना से मेरी मुलाकात होने वाली थी तो उसके कुछ दिन पहले उसने मुझे फोन कर दिया था और कहा कि मैं अब अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी ले रही हूं यदि तुम मुझसे मिलो तो मुझे अच्छा लगेगा। मैंने भी अर्चना से मिलने का पूरा निर्णय कर लिया था और मैं जब अर्चना से मिलने वाला था तो उस दिन मैं ही उसके घर उसे रिसीव करने के लिए गया, मैंने अर्चना को उसके घर से रिसीव किया।

उसने उस दिन वाइट कलर का सूट पहना हुआ था और वह और सूट में बड़ी अच्छी लग रही थी। अर्चना के नैन नक्श तो बहुत ही अच्छे हैं और मुझे उसके साथ शादी करने में कोई भी आपत्ति नहीं है लेकिन मैं चाहता हूं कि मैं जिसके साथ भी जीवन बताऊं मैं उसे थोड़ा बहुत समझ पाऊँ इसीलिए मैंने अर्चना को कहा कि तुम मुझसे मिल लो। जब वह मेरे साथ कार में बैठी तो मुझे अर्चना के साथ बैठना अच्छा लग रहा था और हम दोनों कार में थोड़ी बहुत बातें कर रहे थे। मैं अर्चना को एक रेस्टोरेंट में ले गया, जब हम दोनों रेस्टोरेंट में बैठे हुए थे तो कुछ देर तक तो हम दोनों ने एक दूसरे से बात की पहल नहीं की लेकिन मुझे लगा कि अब कुछ ज्यादा ही शांत माहौल बन रहा है इसलिए मैंने ही अर्चना से बात की और उसे पूछा क्या मैं तुम्हें अच्छा लगता हूं, अर्चना ने मुझे जवाब दिया हां तुम मुझे अच्छे लगते हो, मुझे तुमसे कोई भी दिक्कत नहीं है तुम एक अच्छी जॉब पर भी हो और तुम्हारा फैमिली बैकग्राउंड भी अच्छा है। जब अर्चना ने मुझे यह बात कही तो मुझे थोड़ा खुशी मिली, मैंने उस दिन अर्चना से पूछ लिया कि क्या तुम्हारी जिंदगी में कोई है तो नहीं,  वह मुझे कहने लगी यदि मैं तुम्हें सच कहूंगी तो शायद तुम्हें बुरा लगेगा। मैंने अर्चना से कहा तुम मुझसे बिल्कुल खुलकर बता सकती हो यदि मुझे बुरा लगा तो तुम मुझसे बात मत करना। अर्चना ने मुझे बताया कि उसका एक बॉयफ्रेंड है और उसके साथ ही उसका अब तक रिलेशन चल रहा है लेकिन अर्चना भी उसको छोड़ना चाहती है। अर्चना मुझसे कहने लगी मुझे यह भी पता है कि तुम्हारे मम्मी-पापा मुझे बहुत पसंद करते हैं और मेरी मम्मी पापा भी तुमसे मेरा रिश्ता करवाना चाहते हैं लेकिन मैंने अपने बॉयफ्रेंड को समझाने की बहुत कोशिश की परंतु वह बिल्कुल भी समझने को तैयार है, मैं भी चाहती हूं कि मैं तुम्हारे साथ रिलेशन में रहूं और हम दोनों ही अब एक दूसरे के साथ आगे जीवन बताएं क्योंकि तुम मैच्योर भी हो और तुम मेरी बातों को भी समझते हो। मैंने अर्चना से कहा तो तुम उसे क्यों नहीं समझाती, वह कहने लगी मैंने उसे बहुत समझाया लेकिन हम दोनों एक दूसरे के साथ काफी समय से रिलेशन में थे इसलिए वह मुझे नहीं छोड़ पा रहा है, मैंने उसे कई बार समझाने की कोशिश की परंतु हम दोनों के हमेशा झगड़े होते हैं, मैं नहीं चाहती कि तुम पर इसका गलत असर पडे।

मैंने अर्चना को कहा तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो, मैं तुम्हारा पूरा साथ दूंगा, मुझे बहुत खुशी है कि तुमने मुझसे खुलकर बात की। उसने मुझे अपने बारे में सब कुछ सच बता दिया था इसलिए मेरी नजरों में अर्चना की इज्जत और भी ज्यादा बढ़ चुकी थी। मैं अर्चना के फैसले से खुश था और मुझे अब कोई भी दिक्कत नहीं थी, मैं जो चीज अर्चना के साथ क्लियर करना चाहता था, वह सब मैंने उससे पूछ लिया था। मैंने अर्चना से कहा कि तुमने अभी तक कुछ ऑर्डर नहीं किया, फिर अर्चना ने हीं आर्डर दिया। जब हम दोनों ने अपना खाना खत्म कर लिया तो उसके बाद हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे के साथ ही बैठे रहे। मैंने जब अर्चना का हाथ पकड़ा तो उसे भी कोई आपत्ति नहीं थी, हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे। मैंने अर्चना से पूछा कि क्या तुमने कभी अपने बॉयफ्रेंड के साथ शारीरिक संबंध बनाए हैं। उसने मुझे कहा मैने पहले अपने बॉयफ्रेंड के साथ काफी समय तक सेक्स किया। मैं भी अर्चना के साथ सेक्स करने के लिए उतारू था मैंने उसे कहा क्या आज हम लोग कहीं बाहर रुक सकते हैं। अर्चना कहने लगी ठीक है मैं अर्चना को एक होटल में ले गया, वहां पर हम दोनों ही रुक गए।

जब अर्चना मेरे साथ बैठी हुई थी तो मैं उसके हाथों को पकड़ रहा था और कुछ देर बाद हम दोनों के शरीर से एक अलग प्रकार की गर्मी निकालने लगी। मैंने अर्चना के होठों को किस कर लिया जब मैंने उसके होठों को किस किया तो वह भी अपने आप को नहीं रोक पाई उसने भी मुझे किस करना शुरू कर दिया। हम दोनों ही एक दूसरे को काफी समय तक स्मूच करते रहे जब हम दोनों किस करके संतुष्ट हो गए तो मैंने अर्चना से कहा तुम अपने कपड़े खोल दो। उसने मुझे कहा कि तुम ही मेरे कपड़े उतार दो मैंने जब उसके सूट को उतारा तो उसने अंदर से पिंक कलर की पैंटी और ब्रा पहनी हुई थी जिसमें कि वह किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। मैंने उसकी ब्रा को खोला जब मैंने उसके मुलायम और गोरे स्तनों को अपने मुंह में लिया तो वह बड़ी खुश हो गई। मैंने उसके स्तनों को काफी देर तक चूसा जिससे कि वह पूरी उत्तेजित हो गई। मैंने जब उसकी पैंटी के अंदर से उसकी योनि के अंदर उंगली डाली तो वह पूरी मूड में हो चुकी थी मैंने उसकी पैंटी को उतार दिया। उसके हिप्स बहुत बड़े बड़े थे मैंने जैसे ही अपने लंड को अर्चना की योनि के अंदर डालने की कोशिश की तो मुझे बड़ा अच्छा महसूस होने लगा उसकी चूत पूरी गिली हो चुकी थी। मैंने जैसे ही धक्का मारा तो उसकी योनि के अंदर  मेरा लंड चला गया मेरा लंड उसकी योनि के अंदर प्रवेश हुआ तो वह चिल्ला उठी और अपने मुंह से आवाज निकालने लगी। उसकी चूत से पानी निकल रहा था और मैं भी बड़ी तेज गति से उसे धक्के मारने का प्रयास करने लगा। मैंने उसे इतनी तेज गति से चोदा कि वह पूरे मूड में आ गई और वह मेरा पूरा साथ देने लगी। मैंने उसे काफी देर तक सेक्स किया, जब मेरा वीर्य पतन हो गया तो मैं उसे पकड़ कर लेट गया। जिस प्रकार से उसने मेरी इच्छा पूरी की मुझे लग गया कि यह मेरी पत्नी बन सकती है। उस दिन हम दोनों रात भर सेक्स करते रहे, उसने मुझे उस दिन खुश कर दिया। जब भी हम दोनों की मुलाकात होती है तो मैं उसे सिर्फ सेक्स की उम्मीद रखता हूं और हम दोनों ही एक दूसरे के साथ बड़े अच्छे से संभोग करते हैं, मैं कभी भी कोई मौका नहीं छोड़ता।


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