बाली उमर की गलतियां


Antarvasna, hindi sex story रिश्ते दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे थे मैं अपने परिवार को बिल्कुल भी समझ नहीं पा रही थी कि आखिर वह लोग मुझसे चाहते क्या हैं। मैं घर पर पहुंची मैं अपने कॉलेज से लौट रही थी मैंने अपने भैया मोहन से पूछा भैया आपने जो किताब मुझ से मंगाई थी वह मैं ले आई हूं। भैया ने मुझे बड़े ही ठंडे स्वर में कहा तुम किताब को मेज पर रख दो। मैंने भी उनसे ज्यादा बात नहीं किया और किताब मेज में रख दी भैया बेड पर बैठे हुए थे। भैया ने मुझसे  कहा तुम्हारी सहेली रूपल आई हुई थी। मैंने भैया से कहा लेकिन उसने मुझे बताया नहीं कि वह घर आने वाली है। भैया कहने लगे वह बड़ी जल्दी आई और सिर्फ 5 मिनट ही घर पर रूकी फिर वह चली गई।

मैं अपने रूम में चली गई भैया पिताजी के साथ कुछ बात कर रहे थे लेकिन उन दोनों  के बीच मे बनती नहीं है। पापा भैया की पसंद को लेकर नाखुश थे इसी वजह से आए दिन घर में पिताजी और भैया के बीच में अनबन होती रहती थी। भैया अपनी पढ़ाई की पूरी तैयारी कर रहे थे मोहन भैया चाहते थे कि वह जल्द से जल्द किसी अच्छी जगह नौकरी लग जाए और वह शादी कर ले। पिताजी बिल्कुल भी इस बात से खुश नहीं थे उन्होंने भैया को काफी समझाने की कोशिश की लेकिन वह तो समझते ही नहीं थे। हमारे घर में हर रोज झगड़े होते रहते थे जिस वजह से मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता था। एक दिन हमारे घर पर कुछ लोग आए हुए थे वह हमारे पड़ोस में ही रहने के लिए आए थे। उस दिन वह हमारे घर पर आए थे  मेरी मुलाकात पहली बार रोहित के साथ हुई रोहित से मेरी नजदीकी बढ़ती जा रही थी। यह बात सिर्फ हम दोनों के बीच तक ही थी रोहित एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है मेरा दिल रोहित पर आ चुका था और रोहित भी मुझे पसंद करने लगा था। हम दोनों के पास अब और कोई रास्ता ना था मेरी बात कोई समझने वाला ही नहीं था। एक दिन हम दोनों अपनी कॉलोनी के बाहर बात कर रहे थे उस वक्त हम दोनों बात कर रहे थे तो मुझे मेरे भैया मोहन ने देख लिया।

जब उन्होंने रोहित और मुझे एक साथ देखा तो उस वक्त उन्होंने मुझे कुछ नहीं कहा लेकिन जब मैं घर गई तो भैया ने मुझे कहा संजना तुम बिल्कुल भी ठीक नहीं कर रही हो। मैंने भैया से कहा भैया आप भी तो सुनीता से प्यार करते हैं और आपको नहीं लगता कि मैं अपनी जगह गलत नहीं हूं। भैया के पास इस बात का जवाब नहीं था क्योंकि वह भी सुनीता से प्यार करते थे उन्होंने मुझे उस दिन के बाद कभी कुछ नहीं कहा लेकिन अब यह बात मेरे पिताजी के कानों तक जा चुकी थी। वह इस बात से बहुत गुस्से में थे उन्होंने मुझे कहा देखो संजना तुम खुद को संभाल लो ताकि तुम्हें किसी भी प्रकार की कोई हानि ना हो। तुम जिस रास्ते पर कदम बढ़ा रही हो वह बिल्कुल भी सही नहीं है अभी तुम्हारी उम्र बहुत कम है तुम्हें अच्छे और बुरे की कोई समझ नहीं है तुम रोहित से दूर ही रहो तो इसमें तुम्हारी भलाई है। पिताजी इस बात से बहुत गुस्से में थे उन्होंने मुझे बहुत देर तक समझाया। वह मुझे कहने लगे संजना मैंने तुम्हारी  परवरिश में कभी कोई कमी नहीं रखी लेकिन तुम ऐसा क्यों कर रही हो। उस दिन उनकी बात सुनकर मुझे भी काफी निराशा हुई लेकिन मैं रोहित से प्यार करती हूं और उसी के साथ में अपना जीवन बिताना चाहती हूं। मैंने पिताजी से उस दिन कहा पिताजी मुझे सब कुछ मालूम है मैं सब कुछ समझती हूं काश आप भी कुछ समझ पाते। उन्होंने मेरे हाथ को खिचते हुए कहा तुम रूम में चली जाओ अभी मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी। मेरी मम्मी भी रशोई से दौड़ी चली आई वह मुझे समझाने लगी और कहने लगी अभी तुम अपने रूम में चली जाओ इस वक्त तुम्हारे पिताजी का मूड बिल्कुल भी सही नहीं है। उन्होंने मुझे रूम में भेज दिया मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था मैंने रोहित से कुछ दिनों तक बात नहीं की और मैं घर से भी बाहर नहीं गई। मेरे पिताजी क बात अपनी जगह बिल्कुल सही थी क्योंकि मेरे भाई जिस लड़की को चाहते थे वह पहले से ही शादीशुदा थी इसीलिए पिताजी हमेशा भैया को डांटते रहते थे और ऊपर से मैंने भी रोहित को पसंद कर लिया था।

उनके दिमाग मे सिर्फ हम दोनों को लेकर ही बात चल रही थी हालांकि मेरे पिताजी का स्वभाव बहुत ही अच्छा है लेकिन वह भैया की वजह से परेशान रहते हैं। जिस वजह से उन्हें मेरे और रोहित के रिश्ते में भी वही नजर आने लगे थे जो भैया और सुनीता के रिश्ते में था। मैंने भी ठान लिया था कि मैं रोहित के साथ अपने रिश्ते को आगे जरूर बढाऊंगी हालांकि रोहित से मेरी मुलाकात अब कम ही हो पाती थी। यदि मैं उससे मिलती तो पिताजी को इस बारे में मालूम पड़ जाता इसलिए मैंने उससे मिलना कम कर दिया था और उससे मेरी मुलाकात काफी कम होती थी। इस बात से पिताजी को लगने लगा था कि मैं अब रोहित से दूर हो चुकी हूं और उनके चेहरे पर इस बात की खुशी दिखती थी कम से कम मैंने तो उनकी बात सुन ली। भैया ने भी एक सरकारी संस्थान में जॉब करना शुरू कर दिया उनकी जॉब लग चुकी थी इस बात से पापा बहुत खुश थे लेकिन उनकी खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकी। इसी बीच भैया ने सुनीता के साथ शादी करने का फैसला कर लिया पिताजी इस बात से बहुत गुस्सा थे। वह बिल्कुल भी सुनीता को स्वीकार करने को तैयार नहीं थे उन्हें लगता था कि सुनीता के साथ भैया खुश नहीं रह पाएंगे क्योंकि वह पहले से ही डिवोर्स ले चुकी थी लेकिन पिताजी भी बेबस थे वह कुछ भी नहीं कर सकते थे। उनके बेबसी का अंदाजा इसी बात से मैं लगा सकती थी कि उन्होंने भैया से इतना कुछ कहा लेकिन भैया ने उनकी एक बात ना सुनी और वह घर छोड़ कर सुनीता के साथ रहने लगे।

जब वह सुनीता के साथ रहने लगे तो पिताजी इस बात से बहुत दुखी हुए उन्हें इस बात का बहुत गहरा सदमा लगा जिससे कि उनकी तबीयत पर भी असर पड़ने लगा उनका स्वास्थ्य भी खराब रहने लगा था। वह काफी बीमार भी रहने लगे मैंने उनकी काफी देखभाल की रोहित मुझे मानसिक रुप से हमेशा ही सपोर्ट किया करता और कहता तुम हार मत मानो सब कुछ ठीक हो जाएगा। रोहित के इतने कहने से मुझे भी एक ताकत मिलती और पिताजी की तबीयत में भी सुधार होने लगा था। भैया तो घर से जा चुके थे हमारे परिवार में सिर्फ 3 लोग ही रह गए थे मम्मी भी इस बात से काफी दुखी रहती थी लेकिन मम्मी अपने दुख को किसी के सामने बयां नहीं कर पाती थी लेकिन वह ना चाहते हुए भी कभी ना कभी कह ही देती थी मोहन ने बहुत गलत किया। मेरे और रोहित के बीच सब कुछ ठीक था हम दोनों एक दूसरे से बात किया करते लेकिन मेरे पिताजी अब तक हम दोनों के रिश्ते को मान नहीं पाए थे उन्होंने अपनी स्वीकार्यता हमें नहीं दी थी। हम दोनों को रिलेशन को काफी समय हो चुका था एक दिन रोहित ने मुझसे मिलने की इच्छा जाहिर की। हम लोग अक्सर मिला करते थे लेकिन उस दिन ना जाने हम दोनों के दिल मे ऐसा क्या चल रहा था जिससे कि मेरे और रोहित के में उत्सुकता पैदा होने लगी। मैं रोहित के प्रति खिची चली गई रोहित को मैं अपना तन बदन सौंपना चाहती थी। उस दिन हम दोनों ने साथ में जाने का फैसला किया रोहित और मैं कार से रोहित के घर गए। जब हम लोग रोहित के घर पहुंचे तो वहां पर उसकी मम्मी बैठी हुई थी उसकी मम्मी को हम दोनों से कोई आपत्ति नहीं थी।

कुछ देर में उसकी मम्मी के साथ बैठी रही और फिर मैं रोहित के साथ रूम में चली गई। रोहित और मेरी जवानी ऊफान मारने लगी थी हम दोनों की जवानी पूरे उफान पर थी। मैंने रोहित के हाथ को पकड़ लिया रोहित ने मेरे हाथ को पकड़ते हुए कहा आई लव यू। उसके यह कहते ही मैं उसकी तरफ पिघलती चली गई मेरे बदन से करंट दौड़ने लगा था। रोहित ने मेरे होंठो को चूमना शुरू कर दिया मैं और रोहित पूरी तरीके से उत्तेजित हो चुके थे जब उसने मेरे स्तनों पर अपने हाथ का स्पर्श किया तो मैंने रोहित के लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया। यह पहला ही मौका था जब मैंने किसी के लंड को अपने हाथों से पकड़ा था। रोहित ने उसे बाहर निकालते हुए मुझे कहा तुम मेरे लंड को हिलाते रहो और ऐसे ही खड़ा कर दो मैं उसके लंड को हिलाती जा रही थी। रोहित का लंड तन कर खड़ा हो चुका था वह मेरी योनि में जाने के लिए तैयार हो चुका था। रोहित ने मेरे कपड़े उतार दिए जब रोहित ने मेरे कपड़े उतारे तो उसने मेरी योनि का रसपान काफी देर तक किया।

रोहित ने मेरे बदन को ऊपर से लेकर नीचे तक चाटा जिससे कि मेरे बदन से गर्मी बाहर निकलने लगी थी जैसे ही रोहित ने अपने काले और मोटे लंड को मेरी योनि के अंदर प्रवेश करवाया तो मैं चिल्ला उठी मेरी योनि में दर्द होने लगा। मेरी योनि से खून का बहाव बाहर की तरफ को निकल आया। रोहित ने मेरे दोनों पैरों को कसकर पकड़ लिया और काफी देर तक वह मुझे धक्के देता रहा। जब वह मेरे बदन के ऊपर से लेटा हुआ था तो मेरे शरीर और उसके शरीर से जो गर्मी पैदा होती उससे मेरे शरीर से पसीना बाहर की तरफ आने लगता। रोहित पूरे तरीके से उत्तेजित होने लगा था हम दोनों की उत्तेजना चरम सीमा पर पहुंच चुकी थी। हम दोनों संभोग के आखिरी क्षण पर थे रोहित का वीर्य बस गिरने ही वाला था मैं झड़ चुकी थी। मैं पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी पहला अनुभव मेरे लिए बहुत ही अच्छा रहा। जैसे ही रोहित ने अपने वीर्य को मेरी योनि में प्रवेश करवाया तो मैं खुश हो गई। रोहित ने मुझे कहा तुम जल्दी से अपनी योनि को साफ कर लो मैंने जल्दी से अपनी योनि को साफ किया और उसके बाद रोहित और मैं काफी देर तक बैठकर बाते करते रहे।


error:

Online porn video at mobile phone


hindi sexy sexy storysexy story hindi me newchudai exbiihindi sexy story mamidesi aunty ki gaandhindi me sexchodne ki mast kahanikhet me chudai hindi storyhindi seaxwww bhabhi ki chudai kahani comfirst suhagratpg girl sexHindi 4chut storysex sexy comsistar ki gand maribhai se chudwayasex marathi hindimami ki chut mariindian desi storiessaxe kahanebhai bahan ki chudai ki kahani hindi8 sal ki chuthind sax storejija sali sex story hindibur ka barurdu chudai ki kahanimausi ki chutbhabi com sexindian sea storieschut lolabeti ko choda hindi kahanisharabmaa ki chudai ke photo89 sex hindibhabi mast haiindian suhagrat sexy videobhabhi ki chodai kahanihindi sxey storyhindi sex sareemausi ki chudai photokhatarnak chudaichuddairandi chut picmousi ki chudai hindi videoladki ki gaandchut lund ki moviehindi bf hindidasi sexisexy nokranisex bhabhi and devarsali ki chudai ki kahaniyanchudai ki kahani rapehindi sex download comlund dikhaosex desi hotnew hindi sex kahanichoot ka bhootaurat ki gandwww com hindi blue filmbrazzers indian sexhindi story porn moviebehan bhai ki chudai ki kahanigujarati sexi storysaveeta babiविधवा माँ की चुतऔर गाडbhabhi ki gand ki chudaijijaHot bhai bahen sexy poster storiesdamad ne saas ko chodamuth mari storygand mari kahaniindian sex story hindi meinfirst night sex hindiboor chudai kahanihindi chudai story with photodevar bhabi sex videohindisexstorchudai didihindi sexy real storiesbehan ki chuchixhindistoryrecent desi kahanimaa ki chut mari story